कुलेश्वर कुशवाहा
बलरामपुर। नए शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते शामिल हुईं। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर तथा पुष्प भेंट कर विद्यालय परिवार में स्वागत किया। इस दौरान विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शिक्षा के प्रति उत्साह से सराबोर नजर आया।
हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संदेश ,,,
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की पहली पाठशाला है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षित पीढ़ी ही प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी।
बच्चों को मिली किताबें और शैक्षणिक सामग्री….
शाला प्रवेश उत्सव के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों सहित अन्य छात्र-छात्राओं को शासन की योजना के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों एवं शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। नई किताबें मिलने से बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों ने बताया कि समय पर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों की पढ़ाई की बेहतर शुरुआत सुनिश्चित की जा रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई आयोजन की रौनक ,,,
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, समूह नृत्य और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया और पूरे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा। विधायक सहित अन्य अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका पर दिया जोर .. ।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की सफलता में शिक्षक और अभिभावक दोनों की समान भूमिका होती है। यदि विद्यालय और परिवार मिलकर बच्चों का मार्गदर्शन करें तो बेहतर शिक्षा के साथ उनका सर्वांगीण विकास संभव है। शिक्षा विभाग द्वारा भी सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करने और नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही गई।
बड़ी संख्या में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और अधिकारी ,,,,
शाला प्रवेश उत्सव में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, पालकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान शिक्षा के प्रति जागरूकता, नए सत्र की उमंग और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में सभी ने हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प .

