यशवंत, गंजीर धमतरी। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, प्रभारी सदस्य दीपिका सोरी एवं सह-प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से जुड़े 32 मामलों की जनसुनवाई की। सुनवाई के दौरान कई मामलों का आपसी समझौते से निराकरण हुआ, जबकि कुछ प्रकरणों में आयोग ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
दिवंगत शिक्षक की बेटी को मिले अनुकंपा नियुक्ति, आयोग की अनुशंसा
जनसुनवाई के सबसे प्रमुख मामले में एक दिवंगत शासकीय शिक्षक की पहली पत्नी की पुत्री ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग रखी। आयोग ने पाया कि पिता की मृत्यु के बाद सौतेली मां को पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा, जबकि आवेदिका और उसकी वृद्ध दादी के समक्ष आजीविका का कोई साधन नहीं है। इस आधार पर आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी कांकेर को दो माह के भीतर आवेदिका को अनुकंपा नियुक्ति देने की अनुशंसा करते हुए कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। महिला संरक्षण अधिकारी को पूरे प्रकरण की निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
3 लाख रुपये एकमुश्त राशि, 10 हजार मासिक भरण-पोषण और शादी का सामान लौटाने के निर्देश
एक अन्य प्रकरण में आयोग की समझाइश पर अनावेदिका ने 7 जुलाई तक कलेक्टर धमतरी के समक्ष आवेदिका को 3 लाख रुपये एकमुश्त देने पर सहमति जताई। वहीं पति की मृत्यु के बाद भरण-पोषण के लिए संघर्ष कर रही महिला के मामले में आयोग ने धमतरी और कांकेर के सखी केन्द्र तथा महिला संरक्षण अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रतिमाह 10 हजार रुपये भरण-पोषण दिलाने, विवाह में दिए गए सामान और गहने वापस कराने तथा दो वर्षों तक मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए।
बच्चों के भरण-पोषण, स्थानांतरण और अन्य मामलों में भी दिए निर्देश
एक अन्य पारिवारिक विवाद में आयोग की समझाइश पर पति दोनों बच्चों के लिए 2-2 हजार रुपये प्रतिमाह देने को तैयार हो गया। वहीं शिक्षक से जुड़े एक मामले में आयोग ने लगातार विवाद को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कांकेर को दोनों पक्षों का स्थानांतरण बागोड़ार विकासखंड के अलावा जिले के अन्य विकासखंड में करने तथा सभी शिकायतों का अंतिम निराकरण कर रिपोर्ट आयोग को भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, वृद्ध महिला उत्पीड़न, वेतन कटौती और न्यायालय में लंबित मामलों सहित कई प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए कई मामलों का निस्तारण किया गया।

