धमतरी।शहर के डाक बंगला वार्ड में पिछले एक सप्ताह से गहराए पेयजल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर आज वार्ड वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी के बीच नलों से आ रहे बदबूदार और गंदे पानी से परेशान महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यालय के मुख्य द्वार पर मटके फोड़े।
दूषित पानी से बढ़ रहा बीमारियों का प्रकोप:
वार्ड वासियों का आरोप है कि पिछले 7 दिनों से नलों में बेहद गंदा पानी आ रहा है, जो पीने तो क्या, निस्तारी के लायक भी नहीं है। इस दूषित पानी के सेवन और उपयोग से वार्ड में बीमारियां फैल रही हैं। स्थानीय निवासी सुशीला देवांगन ने बताया कि गंदा पानी पीने से उनके परिवार के लोग बीमार हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वार्ड के कई बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी-दस्त तथा त्वचा में खुजली और रैशेज (संक्रमण) की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
राजनीति बनाम प्रशासनिक मजबूरी:
इस पूरे मामले पर राजनीति भी गरमा गई है। जहाँ एक तरफ स्थानीय पार्षद और प्रदर्शनकारी इसे निगम की लापरवाही बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महापौर ने इस प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया है।
महापौर का कहना है कि शहर में नए फिल्टर ट्रीटमेंट प्लांट को शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत पाइपलाइनों में नए कनेक्शन और इंटरकनेक्शन जोड़े जा रहे हैं। तकनीकी रूप से नए कनेक्शन के बाद शुरुआती दो-तीन दिन पानी गंदा आता है, जिसके लिए पाइपलाइन को साफ किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वार्ड में टैंकरों के माध्यम से भी पानी भेजा जा रहा है और अगले 5 दिनों के भीतर पूरे दबाव के साथ साफ और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

