चंदौली। वाहन ऋण की बकाया किस्त वसूलने के नाम पर ट्रक को कथित तौर पर जबरन उठाकर ले जाने के मामले में सैयदराजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लूट के मुकदमे में कार्रवाई करते हुए ट्रक को भी बरामद कर लिया है।
मामला 2 जून का है जब ट्रक चालक अमिताभ साहनी ने पुलिस को शिकायत दी कि नौबतपुर के पास कुछ लोग खुद को फाइनेंसर का प्रतिनिधि बताकर कई चारपहिया वाहनों से पहुंचे और उनका ट्रक रोक लिया। आरोप है कि विरोध करने पर खलासी के साथ मारपीट की गई और ट्रक को जबरन ले जाया गया। चालक का कहना था कि वाहन की केवल एक किस्त ही बकाया थी।
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शिकायत के आधार पर सैयदराजा थाने में लूट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने ट्रक को बिहार के कैमूर जिले स्थित एक पार्किंग यार्ड से बरामद कर लिया तथा यार्ड संचालक प्रिंस सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार मामले में भारत रेपोशेशन एजेंसी के अन्य कर्मियों की भूमिका भी सामने आ रही है, जिनकी गिरफ्तारी और अन्य वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
इस कार्रवाई के साथ चंदौली पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऋण वसूली के नाम पर जबरन वाहन कब्जे में लेना, धमकाना या बल प्रयोग करना कानूनन अपराध है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल पहले ही फाइनेंस कंपनियों और रिकवरी एजेंसियों को निर्देश दे चुके हैं कि वाहन रिकवरी केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लूट और अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला रिकवरी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है और बताता है कि कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

