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कोरोना काल के बाद रेहड़ी-पटरी वालों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए शुरू की गई इस योजना ने जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव दिखाया है। योजना के तहत बिना किसी गारंटी के आसान लोन दिया जाता है। इसमें वेंडर्स को पहली बार में ₹10,000, दूसरी बार में ₹20,000 और तीसरी बार में ₹50,000 तक का वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है। समय पर भुगतान करने वाले दुकानदारों को 7% की ब्याज सब्सिडी दी जाती है, जो सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। इसके अलावा, डिजिटल पेमेंट अपनाने पर हर महीने कैशबैक की सुविधा भी मिलती है।
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आम नागरिकों और वेंडर्स पर प्रभाव: कैसे उठाएं योजना का लाभ?
इस योजना की सफलता के बाद अब सरकार का ध्यान अधिक से अधिक वेंडर्स को डिजिटल साक्षर बनाने पर है। यदि आप भी एक स्ट्रीट वेंडर हैं और इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप अपने नजदीकी नगर निगम (Municipal Corporation) कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सीधे पीएम स्वनिधि के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और स्थानीय निकाय द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाण पत्र (LOR) की आवश्यकता होती है। समय पर लोन चुकाने से न केवल आपकी सिबिल (CIBIL) स्कोर सुधरती है, बल्कि अगली बार दोगुनी राशि का लोन मिलने का रास्ता भी साफ हो जाता है।

