UPI Payment Rules— देश में ऑनलाइन लेन-देन करने वाले करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए आज से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। 1 जून से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई (UPI) पेमेंट सिस्टम में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नया नियम प्रभावी कर दिया है। अब किसी भी दुकान या संस्थान पर लगे QR कोड को स्कैन करते समय ग्राहकों के मोबाइल स्क्रीन पर उस बैंक खाताधारक का असली नाम (Official Bank Account Name) दिखाई देगा, जिसके खाते में पैसा ट्रांसफर हो रहा है।
UPI Payment Rules: आज से बदल गया ऑनलाइन पेमेंट का तरीका, QR कोड स्कैन करते ही दिखेगा खाताधारक का असली नाम

फर्जी नाम और आधी अधूरी पहचान से मिलेगा छुटकारा
अब तक के सिस्टम में जब कोई ग्राहक किसी मर्चेंट या सामान्य QR कोड को स्कैन करता था, तो ऐप पर केवल व्यवसाय का नाम (Trade Name) या उस व्यक्ति द्वारा सेट किया गया कोई भी रैंडम नाम प्रदर्शित होता था। कई मामलों में केवल ‘दुकानदार’, ‘कैशियर’ या ‘UPI पार्टनर’ जैसे नाम ही सामने आते थे। इससे पैसे भेजने वाले को यह सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी कि राशि सही व्यक्ति के पास जा रही है या नहीं। आज से लागू हुए इस नियम के बाद, बैंक रिकॉर्ड में दर्ज कानूनी नाम ही स्क्रीन पर फ्लैश होगा।
ऑनलाइन ठगी और गलत ट्रांजैक्शन पर लगेगी लगाम
इस कदम को उठाने के पीछे मुख्य वजह लगातार बढ़ रहे डिजिटल फ्रॉड के मामले हैं। साइबर अपराधी अक्सर असली दुकानों के QR कोड को अपने फर्जी QR कोड से बदल देते थे या मिलते-जुलते नामों से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को धोखा देते थे। अब पेमेंट सबमिट करने से ठीक पहले ग्राहक के पास नाम वेरीफाई करने का सीधा मौका होगा। अगर नाम में कोई गड़बड़ी दिखती है, तो यूजर तुरंत उस ट्रांजैक्शन को रोक सकता है।
बैंकिंग विशेषज्ञों और सुरक्षा अधिकारियों का पक्ष
“डिजिटल भुगतान में पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार है। क्यूआर कोड के पीछे छिपे असली नाम को सामने लाकर यह व्यवस्था वित्तीय धोखाधड़ी और गलत खातों में पैसा जाने की मानवीय चूक को लगभग समाप्त कर देगी।”

