By-Kuleshwar Kuswaha
बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के ग्राम बगरा में धान खरीदी केंद्र में धान का वजन बढ़ाने के लिए उसे कृत्रिम रूप से गीला करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि केंद्र पर पंप और पाइप के माध्यम से धान की छल्ली पर पानी डाला जा रहा था, ताकि बोरे का वजन बढ़ाया जा सके और खरीदी प्रक्रिया में अनुचित लाभ उठाया जा सके।
स्थानीय ग्रामीणों और राइस मिल संचालकों ने इस गतिविधि की जानकारी प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और जांच के लिए अधिकारियों को मौके पर भेजा।

प्रशासन ने किया निरीक्षण

प्रशासन ने किया निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय एसडीएम आनंद नेताम खुद धान खरीदी केंद्र पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने धान की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए। नमी मापक यंत्र से जांच में कई स्थानों पर धान में नमी निर्धारित मानक से काफी अधिक पाई गई। कुछ नमूनों में नमी की मात्रा 40 प्रतिशत से भी अधिक दर्ज की गई, जो शासन द्वारा तय मानकों से कई गुना अधिक है।
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम के मौके पर पहुंचने की सूचना मिलते ही धान खरीदी केंद्र के प्रभारी अचानक अनुपस्थित हो गए। उनकी इस अनुपस्थिति से मामले में संदेह और बढ़ गया। बताया गया है कि खरीदी केंद्र में करीब 13 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है, जिससे उसकी गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस मामले पर जिला पंचायत की सभापति साधना संतोष यादव ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा कि

किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने फिलहाल धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मापदंडों के अनुसार जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही धान खरीदी केंद्र के प्रभारी और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
मामला अब तेजी से जांच के दायरे में है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

