बलरामपुर – जिले में समग्र शिक्षा विभाग के जिला मिशन समन्वयक (DMC) चंद्र भूषण गुप्ता एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन पर वाहन किराया भुगतान के नाम पर वित्तीय अनियमितता करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि विभागीय दौरे और निरीक्षण कार्यों के लिए वास्तविक रूप से एक TATA NEXON वाहन का उपयोग किया जाता है, जबकि भुगतान दूसरे SCORPIO वाहन के नाम पर दिखाकर राशि निजी खाते में स्थानांतरित की जा रही है। मामले की शिकायत सरगुजा संभाग के कमिश्नर से की गई है, जिसके बाद जांच प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।Balrampur Breaking

पिता के नाम की स्कॉर्पियो के नाम पर बिल लगाने का आरोप

पिता के नाम की स्कॉर्पियो के नाम पर बिल लगाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि DMC चंद्र भूषण गुप्ता द्वारा अपने पिता के नाम दर्ज स्कॉर्पियो वाहन CG15B 9631 का उपयोग दर्शाकर हर महीने वाहन किराया संबंधी 60 हजार का बिल प्रस्तुत किए जाते हैं। आरोप यह भी है कि इन बिलों को एक निजी फर्म के नाम से तैयार कराया जाता है, जबकि वाहन स्वामित्व और बिलिंग से जुड़े दस्तावेजों में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विभागीय रिकॉर्ड में प्रस्तुत दस्तावेजों और वास्तविक परिस्थितियों के बीच अंतर की जांच की जानी चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय नियमों के उल्लंघन का रूप ले सकता है।

निजी नेक्सोन वाहन से दौरे करने का दावा

निजी नेक्सोन वाहन से दौरे करने का दावा
मामले में सबसे अहम आरोप यह है कि जिला मिशन समन्वयक अपने विभागीय निरीक्षण और विजिट के दौरान मुख्य रूप से निजी नेक्सोन कार का उपयोग करते हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि अधिकांश मौकों पर यही वाहन उनके आवागमन में दिखाई देता है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि वास्तविक उपयोग किसी अन्य वाहन का हो रहा है तो स्कॉर्पियो वाहन के नाम पर किराया भुगतान क्यों और किस आधार पर किया जा रहा है। यही बिंदु जांच का प्रमुख विषय माना जा रहा है।

निजी खाते में राशि ट्रांसफर होने के आरोप

निजी खाते में राशि ट्रांसफर होने के आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वाहन किराया भुगतान की राशि फर्म के खाते में जाने के बजाय सीधे सनोज गुप्ता नामक व्यक्ति के निजी बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। जबकि वाहन DMC के पिता की है ,आरोप लगाने वालों का कहना है कि यदि बिल किसी फर्म के नाम से जारी किए गए हैं तो भुगतान भी नियमानुसार संबंधित फर्म के अधिकृत खाते में होना चाहिए।Balrampur Breaking
वित्तीय मामलों के जानकारों के अनुसार यदि किसी संस्था या फर्म के नाम से बिल प्रस्तुत हो और भुगतान किसी निजी खाते में किया जाए, तो इसकी वैधता और प्रक्रिया की गहन जांच आवश्यक हो जाती है। जांच में बैंक रिकॉर्ड, भुगतान आदेश और संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कमिश्नर सरगुजा से हुई शिकायत
बताया जा रहा है कि पूरे मामले की शिकायत सरगुजा संभाग के कमिश्नर कार्यालय में की गई है। शिकायत के साथ विभिन्न दस्तावेज और रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार मामले की प्रारंभिक जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।
हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
CCTV फुटेज बन सकता है बड़ा साक्ष्य
मामले में CCTV फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्यालय परिसर और अन्य स्थानों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि विभागीय कार्यों और दौरों के दौरान वास्तव में किस वाहन का उपयोग किया गया।
यदि जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, वाहन लॉगबुक, चालक की ड्यूटी रिकॉर्ड, ईंधन व्यय विवरण और भुगतान दस्तावेजों का मिलान करती हैं तो मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि CCTV रिकॉर्ड को जांच की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाती है तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच के दौरान वाहन स्वामित्व, भुगतान प्रक्रिया, बैंक खातों और विभागीय स्वीकृतियों की पड़ताल की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी विभागों में वाहन किराया भुगतान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक होती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
संबंधित अधिकारी का पक्ष आया सामने
इस मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारी का पक्ष भी सामने आया है DMC चंद्रभूषण गुप्ता से टेलीफोनिक चर्चा में बताया की मैं अक्सर फिल्ड विजिट अपने निजी वाहन से ही करता हूं और मेरे अलावा पहले के अधिकारी भी इस तरह से वाहन का बिलिंग करते रहे हैं ,Balrampur Breaking
फिलहाल कमिश्नर स्तर पर चल रही जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों की पुष्टि होने पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।



