कटनी, रीठी।।
कोविड – 19 काल के दौरान बंद की गई कोटा-जबलपुर (19809-19810) एक्सप्रेस ट्रेन को पुनः चालू करने व दयोदय एक्सप्रेस का रीठी रेलवे स्टेशन में स्टापेज की मांग को लेकर रीठी क्षेत्र के नागरिकों में लगातार आक्रोश पनपता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को रीठी रेल संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के महाप्रबंधक एवं संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि कोटा-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन कोविड काल से ही बंद है, जो आज तक पुनः चालू नहीं की गई है। यह ट्रेन रीठी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन प्रातः आठ बजे गुजरती थी और साढ़े दस बजे जबलपुर पहुंचती थी। इस ट्रेन के माध्यम से क्षेत्र के मजदूर, व्यापारी, छात्र-छात्राएं और मरीज जबलपुर आसानी से आ-जा सकते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस ट्रेन की वजह से जनता को काफी राहत थी। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में रेलवे प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं होती तो आगामी 22 जून को रीठी में रेल रोको आंदोलन होगा।
यात्रियों को परेशानी
ट्रेन बंद होने के बाद से रीठी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जबलपुर आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर इलाज कराने जाने वाले मरीज,पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं और रोजी-रोटी के लिए आने-जाने वाले मजदूर वर्ग को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। इसके अलावा कटनी और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा के लिए यह ट्रेन महत्वपूर्ण है।
22 जून को रोकेंगे रेल
ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि कोटा-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन को जल्द से जल्द पुनः चालू नहीं किया गया, और दयोदय एक्सप्रेस का रीठी रेलवे स्टेशन में स्टापेज न दिया गया तो क्षेत्र की जनता मजबूर होकर 22 जून को प्रातः आठ बजे से रीठी रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन करेगी। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।
जनता की प्रमुख मांग, जल्द शुरू हो ट्रेन
रेल संघर्ष समिति व क्षेत्रवासियों की मांग है कि कोटा-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन को शीघ्र पुनः शुरू किया जाए। ताकि आम नागरिकों को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके। वहीं रीठी रेलवे स्टेशन में दयोदय एक्सप्रेस का भी ठहराव किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुकेश कंदेले, नर्मदा सोनी, मयंक कंदेले, लकी चौदहा, बिंजन श्रीवास, सतेन्द्र सिंह राजपूत, अजय पटेल, हेमंत सेन, गुलाब सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही। रेल संघर्ष समिति ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार रेल प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की इस उदासीनता से क्षेत्र की जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यदि मांग समय पर पूरी नहीं हुई तो यह आक्रोश आंदोलन का रूप ले लेगा।

