यशवंत गंजीर,धमतरी। धमतरी जिले का पोटियाडीह गांव औषधीय खेती के जरिए ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। गुरुवार को वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने गांव पहुंचकर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित औषधीय पौधों की खेती और नर्सरी का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला उदाहरण बताया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने समूह की महिलाओं से खेती की प्रक्रिया, पौध उत्पादन और आय के स्रोतों पर चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि वे ब्राह्मी और खस सहित विभिन्न औषधीय पौधों की खेती कर रही हैं तथा नर्सरी के माध्यम से भी आय अर्जित कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि औषधीय पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह क्षेत्र भविष्य में ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जिला प्रशासन के अनुसार जिले में महिला स्व-सहायता समूहों को औषधीय खेती से जोड़ने की पहल लगातार आगे बढ़ रही है। फिलहाल करीब 200 एकड़ में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी और सतावर जैसी प्रजातियों की खेती हो रही है, जिसे आगामी समय में लगभग 600 एकड़ तक विस्तारित करने की योजना है। इससे कृषि विविधीकरण के साथ स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर मंत्री ने गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह को गतिविधियों के विस्तार के लिए 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, राज्य औषधीय पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, वनमंडलाधिकारी कृष्ण जाधव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य मौजूद रहीं।

