धमतरी/कुरुद। राष्ट्रीय जनगणना 2026 के तहत धमतरी जिले में जनगणना कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। मकानों की नंबरिंग के साथ इस महाअभियान की अधिकृत शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्वयं ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) फॉर्म भरकर नागरिकों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है। नागरिक http://se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपनी एवं परिवार की जानकारी सरल, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से दर्ज कर सकते हैं।
कुरुद में प्रगणकों का प्रशिक्षण तेज
कुरुद तहसील में जनगणना कार्य युद्धस्तर पर जारी है। तहसीलदार सूरज बंछोर के अनुसार, प्रथम चरण में 150 प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 22 से 24 अप्रैल तक आयोजित होगा। तहसील में लगभग 250 प्रगणकों की 5 टीमें गठित की गई हैं। इनमें शिक्षक एवं पटवारियों को मकानों और दुकानों के सूचीकरण का जिम्मा सौंपा गया है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दल बनाए गए हैं।
घर-घर सत्यापन, 33 बिंदुओं पर जानकारी
मकान नंबरिंग पूर्ण होने के बाद अब प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए रियल-टाइम डेटा अपलोड किया जाएगा। प्रत्येक प्रगणक को औसतन 150 से 200 घरों की जानकारी संकलित करनी होगी।
जनगणना के दौरान नागरिकों से 33 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी, जिसमें मकान की संरचना, उपलब्ध सुविधाएं (बिजली, पानी, इंटरनेट), परिवहन साधन, रसोई ईंधन तथा डिजिटल उपकरणों (स्मार्टफोन, लैपटॉप) के उपयोग से जुड़े प्रश्न शामिल हैं।
एसडीएम नभसिंह कोसले ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षण के बाद प्रगणकों द्वारा क्षेत्र में जनगणना का सफल डेमो भी किया जा चुका है।

