सरगुजा जिले के अंबिकापुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दरिमा तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी अनिल कुमार गुप्ता, सहायक ग्रेड-02, तहसील कार्यालय दरिमा में कार्यरत है। शिकायतकर्ता अखिलेश कुमार सोनी, जो अंबिकापुर के निवासी हैं, ने एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी द्वारा उनके एक प्रकरण को निपटाने के एवज में 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने पहले 2 लाख रुपये की मांग की थी और साथ ही यह भी कहा था कि यदि रकम नहीं दी गई तो वह प्रकरण को उलझा सकता है या नुकसान पहुंचा सकता है। आरोपी द्वारा एसीबी का डर दिखाते हुए खुद को बचाने की भी बात कही गई थी। इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी।

एसीबी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पहले उसका सत्यापन कराया। जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद एसीबी टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। योजना के तहत 20 मार्च 2026 को आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए पूरी रणनीति तैयार की गई।
निर्धारित योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता को 1 लाख रुपये की राशि लेकर आरोपी से मिलने के लिए कहा गया। आरोपी ने जिला ग्रंथालय अंबिकापुर के पास मिलने के लिए बुलाया था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 1 लाख रुपये दिए, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया।

एसीबी टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। इस कार्रवाई के दौरान सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने पहले भी इसी तरह के मामलों में लोगों से पैसे लेकर काम करने की बात कही थी। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए आगे जांच जारी है। एसीबी अब आरोपी की संपत्ति और अन्य मामलों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वह लंबे समय से भ्रष्टाचार में लिप्त तो नहीं था।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में संतोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एसीबी की इस कार्रवाई से सरकारी कर्मचारियों के बीच एक कड़ा संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी संकेत है कि यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार का शिकार होता है, तो वह बिना डर के शिकायत कर सकता है।
फिलहाल एसीबी द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

