रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में अधिनियम पारित नहीं हो पाने पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह देश की करोड़ों महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है, लेकिन विपक्ष ने इसे समर्थन नहीं देकर उनकी उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने इस अधिनियम को सरल और तार्किक तरीके से समझाया, फिर भी विपक्ष ने इसका विरोध किया। उनके अनुसार, आने वाले समय में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
प्रेस वार्ता में भाजपा का पक्ष
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री Arun Singh, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सांसद कमलेश जांगड़े और सांसद लक्ष्मी वर्मा के साथ प्रेस वार्ता कर पार्टी का पक्ष रखा।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को हमेशा उच्च स्थान दिया गया है और उन्हें दुर्गा, सरस्वती व लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, टीएमसी और सपा सहित विपक्षी दलों ने मिलकर इस अधिनियम को पारित नहीं होने दिया, जिससे देश की आधी आबादी के सपनों पर पानी फिर गया।
महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण और महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम हो रहा है।
विपक्ष पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह दशकों से महिला आरक्षण की बात करती रही है, लेकिन जब इसे लागू करने का समय आता है तो पीछे हट जाती है। उन्होंने इसे देश की महिलाओं के साथ “धोखा” बताया।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री Arun Singh ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि यह दिन इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा सकता था, लेकिन कांग्रेस और अन्य दलों ने महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है।

