बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने जांजगीर नैला स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए चल रहे नॉन-इंटरलोकिंग कार्य के कारण रद्द की गई 14 यात्री ट्रेनों को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, ये सेवाएं 19 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से बहाल की जा रही हैं। कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का परिचालन सुचारू होने से रोजाना सफर करने वाले छात्रों, व्यापारियों और कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिली है।
कनेक्टिविटी कार्य के कारण थमी थी रफ्तार
पिछले कुछ दिनों से बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले जांजगीर नैला स्टेशन पर अधोसंरचना विकास (Infrastructure development) का कार्य चल रहा था। इस नॉन-इंटरलोकिंग कार्य की वजह से ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा था और सुरक्षा के लिहाज से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था। अब कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद बिलासपुर मंडल ट्रेन बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चरणबद्ध तरीके से शुरू हो रहा संचालन
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिचालन को चरणों में बांट दिया है। बिलासपुर मंडल ट्रेन बहाली के तहत बहाल की गई ट्रेनों की सूची में मेमू, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
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19 अप्रैल: प्रमुख मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की सेवा बहाल।
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20-21 अप्रैल: लंबी दूरी की कुछ रद्द एक्सप्रेस ट्रेनों की वापसी।
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22 अप्रैल: सभी 14 ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा।
यात्रियों को मिलेगी भीड़ से मुक्ति
ट्रेनों के फिर से शुरू होने से स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव कम होगा। छोटे स्टेशनों के बीच यात्रा करने वाले व्यापारियों के लिए यह निर्णय काफी अहम है, क्योंकि ट्रेन सेवाएं बंद होने से उन्हें महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा था। रेलवे का मानना है कि इस बहाली से गर्मी के मौसम में यात्रियों को राहत मिलेगी और वेटिंग लिस्ट की समस्या में भी सुधार होगा।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि अधोसंरचना विकास कार्यों से भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता में सुधार होगा। जांजगीर नैला स्टेशन पर चौथी लाइन जुड़ने से परिचालन क्षमता बढ़ेगी। धीरे-धीरे सभी अन्य सेवाओं को भी सामान्य किया जा रहा है ताकि रेल यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से चल सके।

