बलरामपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के रणजीता स्टेडियम से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेस-4 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर में स्वीकृत 774 सड़कों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जिलों में किया गया, जिसमें बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 58 सड़कों के कार्यों का भी वर्चुअल शुभारंभ किया गया।
जिला मुख्यालय में भी हुआ कार्यक्रम आयोजन.
बलरामपुर जिले के बाजार पारा स्थित ऑडिटोरियम में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर एवं कार्यपालन अभियंता सच्चिदानंद कांत सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री का संबोधन: डबल इंजन सरकार से विकास को गति..
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लागू होने के बाद गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा है। उन्होंने बताया कि फेस-4 का मुख्य लक्ष्य बची हुई बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है, जिससे हर मौसम में आवागमन सुगम हो सके।
भारत माला परियोजना और डिजिटल सेवाओं पर जोर..
मुख्यमंत्री ने भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में बन रहे प्रमुख सड़क मार्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।साथ ही उन्होंने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की जानकारी देते हुए कहा कि अब पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग, प्रमाण पत्र और अन्य शासकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी।
जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां
जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज ने कहा कि जिले में 58 सड़कों की स्वीकृति से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इन सड़कों से आवागमन आसान होगा और लोगों को सीधे लाभ मिलेगा। रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों की कमी अब तेजी से दूर हो रही है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव ने भी कहा कि पहले खराब सड़कों के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति तेजी से सुधर रही है।
नवा तरीया आय का जरिया योजना को भी मिली स्वीकृति ..
कार्यक्रम के दौरान शासन की महत्वाकांक्षी योजना “नवा तरीया आय का जरिया” के तहत शंकरगढ़ और वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत सरीमा और रजखेता में तालाब निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। यह कार्य मनरेगा योजना के अंतर्गत किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे।
58 सड़कों का निर्माण, 142 किलोमीटर लंबाई…
गौरतलब है कि वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के प्रथम चरण में बलरामपुर जिले में 58 सड़कों का निर्माण स्वीकृत हुआ है।
कुल लंबाई: 142.55 किलोमीटर
कुल लागत: लगभग 140.8 करोड़ रुपये
इन सड़कों के बनने से जिले की 58 नई बसाहटें पक्की सड़कों से जुड़ेंगी, जिससे वर्षभर आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम..
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का यह चरण न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाने वाला है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी सीधे प्रभावित करेगा। फेस-4 के तहत शुरू हुए इन कार्यों से आने वाले समय में बलरामपुर जिले की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।




