रायपुर। छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। फेडरेशन के अनुसार, 1 मई मजदूर दिवस के अवसर पर रायगढ़ स्थित वित्त मंत्री के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। यह निर्णय नियमितीकरण और स्थायीकरण की मांगों को लेकर लंबे समय से जारी असंतोष के बीच लिया गया है।
फेडरेशन का आरोप है कि सरकार ने चुनाव के दौरान जन घोषणा पत्र में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित और स्थायी करने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों की तरह वर्तमान सरकार भी वादाखिलाफी कर रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है।
फेडरेशन ने यह भी कहा कि राज्य में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, वाहन चालक, कंप्यूटर ऑपरेटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, सुरक्षा श्रमिक और स्कूल सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपने अधिकारों से वंचित हैं। चार श्रम कानूनों के लागू होने के बावजूद वेतन वृद्धि नहीं की गई है, जिससे आर्थिक संकट और बढ़ गया है।
आंदोलन के प्रमुख मांगों में सभी दैनिक वेतनभोगियों का नियमितीकरण, दो वर्ष की सेवा पूरी करने वालों का स्थायीकरण, श्रम सम्मान राशि का भुगतान, केंद्र के समान वेतन लागू करना, आउटसोर्स और ठेका प्रथा पर रोक, तथा रिक्त पदों पर पहले अनुभव के आधार पर समायोजन शामिल हैं।
फेडरेशन के संयोजक रामकुमार सिन्हा, संगठन मंत्री विजय पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने सभी विभागों के कर्मचारियों से अपील की है कि वे 1 मई को अधिक से अधिक संख्या में रायगढ़ पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं।

