धमतरी। गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र के ग्रामीणों और वहां कार्यरत मजदूरों के लिए ‘वाटर एंबुलेंस’ जीवनदायिनी साबित होने लगी है। सोमवार को इस सेवा के माध्यम से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा, जहाँ ठेमली आइलैंड में काम कर रहे एक मजदूर को सांप की चपेट में आने के बाद महज 20 मिनट के भीतर किनारे पर लाकर अस्पताल पहुंचाया गया।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, सिरपुर निवासी शंकर कुमार (26 वर्ष) ठेमली आइलैंड में मजदूरी का काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक उसके सिर पर एक सांप गिर गया। हालांकि सांप के डसने की पुष्टि जांच के बाद होगी, लेकिन घटना के तुरंत बाद शंकर को सिर में तेज जलन, घबराहट और चक्कर आने लगे। उसकी बिगड़ती हालत देख ठेकेदार ने तत्काल गंगरेल ब्लू एडवेंचर और रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दी।

15-20 मिनट में पहुँचाया गया तट पर
सूचना मिलते ही वाटर एंबुलेंस की टीम नर्सिंग स्टाफ के साथ आइलैंड के लिए रवाना हुई। सतवंत महिलांग (रेस्क्यू टीम) ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हुई और लगभग 15 से 20 मिनट के भीतर मरीज को ठेमली आइलैंड से सुरक्षित गंगरेल तट पर ले आया गया। यहाँ पहले से ही 108 एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा गया था, जिसके माध्यम से मरीज को तुरंत जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया।
ढाई घंटे का सफर मिनटों में सिमटा
पूर्व में डूबान क्षेत्र से किसी मरीज को सड़क मार्ग या नाव के जरिए जिला अस्पताल लाने में लगभग 2 से 2.5 घंटे का समय बर्बाद हो जाता था। लेकिन वाटर एंबुलेंस की गति और बेहतर तालमेल की वजह से अब यह दूरी एक घंटे से भी कम समय में पूरी की जा रही है।

