रायपुर — VBJI Ramji Scheme छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रही है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होते ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा की जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू होगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि E-KYC अधूरा होने पर भी किसी श्रमिक को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा।
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मनरेगा कार्ड रहेगा मान्य, 125 दिन रोजगार का दावा
राज्य सरकार और ग्रामीण विकास विभाग की तैयारियां तेज हो गई हैं। नई योजना के तहत जब तक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं होगा, तब तक पुराना मनरेगा जॉब कार्ड वैध माना जाएगा। जिन मजदूरों के पास कार्ड नहीं है, वे सीधे ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकेंगे।
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन तक मजदूरी आधारित रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। यही हिस्सा गांवों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। कई पंचायतों में लोग पहले से दस्तावेज अपडेट कराने पहुंचने लगे हैं। पंचायत भवनों के बाहर सुबह से कतारें दिख रही हैं। गर्मी के बीच धूल उड़ाती सड़कों पर रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे मजदूरों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। एक ग्रामीण महिला ने कहा कि E-KYC के कारण कई बार भुगतान अटक जाता था। अब काम मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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नई योजना में क्या बदलेगा?
- मनरेगा की जगह VBJI रामजी योजना लागू होगी
- ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार का प्रावधान
- बिना E-KYC भी काम से नहीं रोका जाएगा
- पुराने जॉब कार्ड अस्थायी रूप से मान्य रहेंगे
- ग्राम पंचायत स्तर पर नया पंजीयन होगा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव सिर्फ नाम बदलने तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार रोजगार के साथ ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, जल संरक्षण और स्थानीय निर्माण कार्यों को जोड़ने की तैयारी में है। अगर भुगतान व्यवस्था समय पर रही, तो इसका असर सीधे गांवों की क्रय क्षमता पर दिखाई देगा। हालांकि विपक्ष इस योजना को लेकर सवाल भी उठा रहा है। कई संगठनों का कहना है कि मनरेगा खत्म करने से पहले विस्तृत रोडमैप सार्वजनिक होना चाहिए। दूसरी तरफ सरकार दावा कर रही है कि नई व्यवस्था अधिक डिजिटल, तेज और रोजगार केंद्रित होगी।

