चन्दौली।जनपद में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के पीछे सक्रिय एक संगठित अन्तर्राज्यीय गिरोह का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चन्दौली पुलिस ने पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह पहले अस्पताल कचहरी, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले बाजारों की रेकी करता था फिर मौका मिलते ही बाइक चोरी कर उन्हें बिहार में शराब तस्करों को बेच देता था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद वाहनों की नंबर प्लेट बदल दी जाती थी या हटा दी जाती थी ताकि पहचान न हो सके। इसके बाद इन वाहनों को बिहार के शराब तस्करों तक पहुंचाया जाता था। तस्कर इन बाइकों का इस्तेमाल अवैध शराब की ढुलाई में करते थे और कार्रवाई की आशंका होने पर वाहन छोड़कर फरार हो जाते थे।
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पुलिस के अनुसार गिरोह में उत्तर प्रदेश और बिहार के सदस्य शामिल थे, जो चोरी की गई मोटरसाइकिलों को एकत्र कर सीमावर्ती क्षेत्रों के रास्ते बिहार पहुंचाते थे। इस खुलासे ने सिर्फ वाहन चोरी ही नहीं बल्कि चोरी की बाइकों और अवैध शराब तस्करी के बीच के कनेक्शन को भी उजागर कर दिया है।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब थाना चन्दौली पुलिस ने धरौली-बिहार मार्ग पर चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ पकड़ा। उनकी निशानदेही पर तीन अन्य साथी भी गिरफ्तार किए गए। पूछताछ के बाद मझवार रेलवे स्टेशन परिसर से एक और चोरी की बाइक बरामद की गई।
जांच में बरामद मोटरसाइकिलें चन्दौली सैयदराजा और सकलडीहा थाना क्षेत्रों से चोरी की गई पाई गई हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई अन्य वारदातों में भी इसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस कार्रवाई को जिले में वाहन चोरी के नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है।

