यशवंत गंजीर कुरुद।धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सिरसिदा में महिला सशक्तीकरण की एक नई इबारत लिखी जा रही है। कभी कम उपयोग वाली 6 एकड़ बंजर भूमि आज महिलाओं की मेहनत से आम, करौंदा और कटहल के बगीचों में तब्दील हो चुकी है। वर्ष 2016-17 में शुरू हुई मिश्रित वृक्षारोपण योजना आज ‘जय माँ शारदा’ और ‘जय माँ गायत्री’ स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए आर्थिक आजादी का प्रतीक बन गई है।
महिलाओं के सामूहिक श्रम का परिणाम अब सुखद आंकड़ों के रूप में सामने आ रहा है। पिछले चार वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो महिलाओं ने कुल 17,300 किलोग्राम फलों का उत्पादन कर लगभग 4 लाख 51 हजार रुपये की आय अर्जित की है। वर्ष 2022-23: 1.10 लाख रुपये की आय। वर्ष 2023-24: रिकॉर्ड 1.75 लाख रुपये की आय। वर्ष 2024-25:1.25 लाख रुपये की आय। तथा वर्तमान सत्र (2025-26):आम की तुड़ाई जारी है, जिससे अब तक 41 हजार रुपये प्राप्त हो चुके हैं।
सिर्फ फल नहीं, सब्जियां भी दे रहीं सहारा:
महिलाओं ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए पेड़ों के बीच खाली जमीन पर ‘अंतरवर्तीय खेती’ अपनाई है। यहाँ मूंगफली, शकरकंद, गोभी और अन्य मौसमी सब्जियां उगाई जा रही हैं, जिससे उन्हें साल भर अतिरिक्त आमदनी होती रहती है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी, बल्कि गांव के परिवारों को ताजी और पौष्टिक सब्जियां भी मिल रही हैं।
बदली सामाजिक स्थिति:
समूह की अध्यक्ष सुमित्रा पटेल और सचिव लीला देवदास बताती हैं कि इस कार्य ने महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास किया है। पहले जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर बच्चों की शिक्षा और घर के खर्चों में योगदान दे रही हैं। सिरसिदा की यह पहल अब आस-पास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन गई है, जहाँ किसान अब पारंपरिक खेती के साथ फलदार पौधे लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

