कटनी में साइबर ठगों ने ठगी का नया और खतरनाक तरीका खोज लिया है अब बिना इंटरनेट सिर्फ 10 सेकंड में व्यापारियों की जेब खाली हो रही है
जाली पेमेंट ऐप जो हूबहू PhonePe जैसा दिखता है…
लेकिन असल में यह सिर्फ ‘फेक पेमेंट दिखाने वाली मशीन’ है
ठग QR कोड स्कैन करता है…
मोबाइल पर नाम और “Payment Successful” दिखाता है…
और दुकानदार को लगता है पैसा आ गया।
लेकिन सच्चाई?
खाते में एक भी रुपया नहीं आता।
कटनी से लेकर बड़वारा और ढीमरखेड़ा तक…
छोटे दुकानदार, ठेले वाले और ग्रामीण व्यापारी इस ठगी का शिकार बन रहे हैं।
कैसे बचें? ग्राहक के मोबाइल नहीं, अपने बैंक मैसेज पर भरोसा करें साउंड बॉक्स लगाएं—जब तक आवाज न आए, पेमेंट पूरा नहीं
हर ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में चेक करें
किसी भी APK ऐप से दूर रहें
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक…
यह आईटी एक्ट की गंभीर अपराध श्रेणी में आता है।
कटनी में फैल रही ये ‘डिजिटल दीमक’…
सिर्फ पैसे नहीं, भरोसा भी खा रही है।
सतर्क रहें…
क्योंकि अब ठग आपके सामने खड़ा है… और उसका हथियार है—आपका भरोसा।

