“जमीन के खेल में फंसे अधिकारी”
यह कथित घोटाला कई महत्वपूर्ण सरकारी जमीनों के अवैध हस्तांतरण और निजी हाथों में सौंपने से संबंधित है. आयुक्त विश्वदीप ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया इन अधिकारियों की संलिप्तता और कर्तव्य में लापरवाही पाई गई है. “हम भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेंगे,” उन्होंने कड़े स्वर में कहा. निलंबित अधिकारी अब विभागीय जांच का सामना करेंगे, जो उनकी भूमिका का विस्तार से पता लगाएगी. यह घोटाला साल 2026 की शुरुआत में उजागर हुआ है, और माना जा रहा है कि इसमें कई और नाम भी सामने आ सकते हैं |
“शहर की सरकारी संपत्ति पर डाका”
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार, घोटाला तब पकड़ में आया जब नए रिकॉर्ड बनाए जा रहे थे. कई जमीनों के मालिकाना हक को बिना उचित प्रक्रिया के बदल दिया गया था. जांच के आदेश दे दिए गए हैं और एक उच्च-स्तरीय टीम अब सभी संबंधित फाइलों की बारीकी से जांच कर रही है. सैकड़ों पन्नों के दस्तावेज़ पहले ही ज़ब्त कर लिए गए हैं. स्थानीय लोगों में भी इस बड़े घोटाले को लेकर गुस्सा है, क्योंकि यह जनता के पैसे से जुड़ी संपत्ति है. “हमारी सरकारी जमीनों को इस तरह लूटते हुए देखना भयानक है,” एक निवासी ने कहा|
“भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: आगे की कार्रवाई”
यह कार्रवाई शहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश है. निलंबित अधिकारियों को तुरंत अपने पद छोड़ने और विभागीय मुख्यालय में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है. उनकी विभागीय जांच 2026 की पहली छमाही तक पूरी होने की उम्मीद है. यदि आरोप साबित होते हैं, तो उन्हें न केवल पद से हटाया जा सकता है, बल्कि आपराधिक मामले भी दर्ज किए जा सकते हैं. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सभी संदिग्ध संपत्तियों को ज़ब्त करने और दोषी अधिकारियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए दृढ़ है. अगले कुछ हफ़्तों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां या निलंबन होने की पूरी संभावना है |

