कटनी जिले के बिलहरी गांव में एक गर्भवती महिला को ससुराल वालों ने जलते अंगारों से दागकर पेट पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस के अनुसार, मेडिकल जांच के बाद अब मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
मामूली विवाद पर जेठ और ससुर ने की मारपीट
पीड़िता उषा साहू ने बताया कि 5 अप्रैल को घर में खाना न बनने की बात पर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद जेठ चिरंजी साहू, जेठानी आरती, सुषमा और ससुर परम साहू ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटा।
आरोपियों ने जलती लकड़ी के अंगारों से पीड़िता के शरीर को जला दिया और गर्भवती होने के बावजूद उसके पेट पर लात-घूंसों और ईंटों से प्रहार किया।
पुलिस चौकी पर मामला टालने का आरोप
महिला का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद वह बिलहरी पुलिस चौकी पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने 10 दिनों तक उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। न्याय न मिलने पर पीड़िता बुधवार को शरीर पर चोट के निशान लेकर एसपी कार्यालय पहुंची। महिला ने अधिकारियों को बताया कि उसे और उसके गर्भस्थ शिशु को आरोपियों से जान का खतरा है।
मेडिकल जांच के बाद हुई FIR
मामले में बिलहरी चौकी प्रभारी सुयश पांडे ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण और छुट्टियों के कारण मामला दर्ज करने में विलंब हुआ। पुलिस ने अब महिला की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। विभाग का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

