कुलेश्वर कुशवाहा
बलरामपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का मौके पर निरीक्षण कर महिलाओं से सीधे संवाद कर रहे हैं और उनके व्यवसाय को लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दे रहे हैं।
इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत ..
वाड्रफनगर के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर महिला समूहों द्वारा संचालित उद्यमों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समूहों की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, आय-व्यय और विपणन व्यवस्था का जायजा लेते हुए व्यवसाय विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
अलका गांव में तेल मिल का किया निरीक्षण…
भ्रमण के दौरान डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सबसे पहले ग्राम अलका पहुंचे, जहां संस्कार महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित तेल मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने तेल उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझा और कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन क्षमता, बिक्री व्यवस्था तथा आय-व्यय की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समूह की महिलाओं से कहा कि केवल उत्पादन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पाद को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने तेल के विपणन के लिए फॉरवर्ड लिंकेज विकसित करने, बड़े बाजारों से जुड़ने, स्थानीय और बाहरी खरीदारों तक पहुंच बनाने तथा सप्लाई चेन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया, ताकि समूह को अधिक लाभ मिल सके।
मानपुर में किराना दुकान का लिया जायजा..
इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ग्राम मानपुर पहुंचे, जहां एकता महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती ललिता द्वारा समूह से प्राप्त ऋण के माध्यम से संचालित किराना दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकान की दैनिक बिक्री, उपलब्ध स्टॉक, ग्राहकों की संख्या और वार्षिक आय की जानकारी ली।उन्होंने व्यवसाय को और अधिक विकसित करने के लिए उत्पादों की विविधता बढ़ाने, ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार सामान उपलब्ध कराने, दुकान का आकर्षक स्वरूप विकसित करने तथा सुव्यवस्थित तरीके से संचालन करने के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी बेहतर प्रबंधन और सही रणनीति के जरिए बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
महिलाओं से किया सीधा संवाद, बढ़ाया उत्साह….
दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवसाय संचालन में आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समूह आधारित उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को नए व्यवसाय अपनाने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने और बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया।
‘स्थानीय बाजार तक सीमित न रहें समूह’ – डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी….
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए आवश्यक है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें व्यापक बाजार और आधुनिक व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि स्वयं सहायता समूहों को बेहतर विपणन व्यवस्था मिले, उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत बन सके।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती…
जिला पंचायत सीईओ का लगातार गांवों का दौरा यह संदेश दे रहा है कि प्रशासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि समूहों के व्यवसाय को सफल बनाने और महिलाओं को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने के लिए भी सक्रिय रूप से प्रयासरत है। प्रशासन की इस पहल से स्वयं सहायता समूहों को नए अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए आयाम विकसित होंगे।

