कटनी जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ ग्रामीण अब सड़कों पर उतर आए हैं। रीठी थाना क्षेत्र के इमलाज और बांधा गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखित शिकायत सौंपी और जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे सुरेश चौधरी ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि इमलाज और बांधा गांवों में अवैध शराब और गांजे का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फूलबाई यादव, घीसल काछी और लता चौधरी (पिता रामलाल चौधरी) खुलेआम अवैध शराब और गांजा बेच रही हैं।
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ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि खुलेआम बिक रहे नशे के कारण नाबालिग बच्चे और युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। नशेड़ियों के जमावड़े से गांव का माहौल खराब हो गया है, जिससे महिलाओं और बेटियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने रीठी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस गश्ती दल गांव में आता है, लेकिन अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं ठिकानों पर बैठकर शराब और गांजे का सेवन करता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी अवैध कारोबारियों से हफ्ता वसूली करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन पुलिस की कथित साठगांठ के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे तस्करों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
इस संबंध मे एएसपी डॉ. डेहरिया का कहना कि ग्रामीणों द्वारा अवैध मादक पदार्थों की बिक्री के संबंध में शिकायत मिली है। सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। जिन स्थानों पर अवैध गतिविधियों की बात कही गई है, वहां पहले भी नियमानुसार कार्रवाई की जा चुकी है। जहां तक पुलिसकर्मियों द्वारा पैसे (हफ्ता) लेने और नशा करने के आरोप का सवाल है, इस पर शिकायतकर्ताओं ने कोई साक्ष्य उपलब्ध नही कराए है। इसकी विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी

