चंदौली। कभी खुद को सीओ, तो कभी एसओ बताकर महिलाओं और बालिकाओं को फोन पर डराने, गाली देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले दो शातिर युवकों को मुगलसराय पुलिस ने गिरफ्तार कर एक चौंकाने वाले खेल का पर्दाफाश किया है।
हैरानी की बात यह है कि आरोपी पुलिस अफसर की फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को कॉल करते थे। नंबर ब्लॉक होने पर दूसरे मोबाइल से दोबारा फोन कर अभद्रता करते और पुलिसिया रौब झाड़कर डराने की कोशिश करते थे। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था।
मिशन शक्ति अभियान के तहत सक्रिय हुई मुगलसराय पुलिस ने दोनों आरोपियों—मोहित खरवार और गोरख यादव—को धर दबोचा। पूछताछ में दोनों ने कबूला कि महिलाओं से बात करने के लिए वे फर्जी अफसर बनते थे और फोन पर गाली-गलौज कर मानसिक उत्पीड़न करते थे।
मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ दो शातिरों के चेहरे से नकाब हटाया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि वर्दी का नाम लेकर महिलाओं को डराने वालों की अब खैर नहीं।
फर्जी पुलिसिया रौब, अश्लील हरकतें और आखिर गिरफ्तारी… मुगलसराय की यह कार्रवाई चर्चा में है।

