अभनपुर। क्षेत्र के प्रतिष्ठित ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नया इतिहास रच दिया है। University Grants Commission (UGC) ने संस्थान को UGC अधिनियम, 1956 की धारा 12(B) के तहत आधिकारिक मान्यता प्रदान कर दी है। इससे पहले कॉलेज को धारा 2(f) की मान्यता प्राप्त थी, और अब 12(B) का दर्जा मिलने से संस्थान केंद्रीय सहायता एवं रिसर्च ग्रांट्स प्राप्त करने के लिए पूर्णतः पात्र हो गया है।
यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे अभनपुर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
संस्थान के डायरेक्टर डॉ. आशुतोष शुक्ला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “UGC 12(B) की मान्यता हमारे शैक्षणिक स्तर, अनुशासन और सतत प्रयासों की जीत है। इससे अब राष्ट्रीय स्तर के शोध एवं विकास कार्यों में हमारी भागीदारी और मजबूत होगी, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।”
वहीं Joint Secretary डॉ. अनुराग जैन ने इसे टीम वर्क की सफलता बताते हुए कहा कि “2(f) के बाद 12(B) की पात्रता हासिल करना संस्थान के भविष्य के लिए नए द्वार खोलता है। हम शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कॉलेज की Co-Director श्रीमती भारती शुक्ला ने इस उपलब्धि को संस्थान की निरंतर प्रगति का प्रतीक बताते हुए सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को बधाई दी। प्राचार्य डॉ. रिया तिवारी ने कहा कि “अब कॉलेज को बुनियादी ढांचे के विकास, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और शैक्षणिक नवाचारों के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी, जिससे शैक्षणिक वातावरण और अधिक समृद्ध होगा।”
गौरतलब है कि महाविद्यालय में शिक्षा विषय का शोध केंद्र भी संचालित है, जो Pt. Ravishankar Shukla University से संबद्ध है। 12(B) की मान्यता मिलने से इस शोध गतिविधि को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
इस उपलब्धि के साथ अब कॉलेज में राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, वर्कशॉप और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन और अधिक व्यापक स्तर पर किया जा सकेगा।
उपलब्धि की खुशी में संस्थान के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहां सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस सफलता का जश्न मनाया।
स्थानीय विद्यार्थियों के लिए यह उपलब्धि किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।

