धमतरी। छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने वैश्विक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव को लेकर किसानों को बड़ा अलर्ट दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले खरीफ सीजन में डीएपी और यूरिया जैसी रासायनिक खादों का संकट गहरा सकता है। इसी खतरे को देखते हुए उन्होंने किसानों से समय रहते जैविक खाद, नैनो उर्वरक और प्राकृतिक खेती की वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है।
मंगलवार को कुरुद क्षेत्र के ग्राम सिलौटी, पचपेड़ी और नगर पंचायत भखारा में आयोजित कार्यक्रमों के मंच से विधायक चंद्राकर ने कहा कि दुनिया जिस दिशा में बढ़ रही है, उसका सीधा असर भारत की खेती-किसानी पर पड़ने वाला है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि “डीजल-पेट्रोल और खाद को लेकर नौटंकी करने वालों को भी वैश्विक हालात की जानकारी है, फिर भी उनका प्रदर्शन केवल हास्यास्पद राजनीति बनकर रह गया है।”
दरअसल अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात तथा होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते संकट ने अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन को झकझोर दिया है। भारत अपने यूरिया और नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। यही कारण है कि वैश्विक बाजार में यूरिया और डीएपी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं। दूसरी ओर रूस-यूक्रेन युद्ध ने अमोनिया, सल्फर और पोटाश जैसे कच्चे माल की आपूर्ति पर पहले से दबाव बना रखा है।
हालांकि केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए किसानों में चिंता बढ़ने लगी है। ऐसे में अजय चंद्राकर की यह अपील राजनीतिक बयान से ज्यादा किसानों के लिए समय रहते संभलने का संदेश मानी जा रही है

