धमतरी | धमतरी जिले में अवैध रेत उत्खनन का खेल लगातार सुर्खियों में है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद रेत माफिया नए-नए तरीकों से नियमों को धता बता रहे हैं। हालांकि खनिज विभाग ने हाल के दिनों में कार्रवाई तेज करते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं, जिनमें करोड़ों रुपये के आर्थिक दंड और भारी जब्ती शामिल है।
एक्शन मोड में प्रशासन, फिर भी सवाल बरकरार:
हालिया कार्रवाई में ग्राम झुरानवागांव में अवैध रेत परिवहन करते हुए 8 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। वहीं मगरलोड तहसील के ग्राम खट्टी में अवैध उत्खनन में लगी चेनमाउंटेन मशीन को भी कब्जे में लिया गया। इन मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
आंकड़े बता रहे बड़ा खेल:
यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो मामला और गंभीर नजर आता है।
वित्तीय वर्ष 2024-25: 361 प्रकरण, 1.84 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड
वित्तीय वर्ष 2025-26 (अब तक): 434 प्रकरण, 1.30 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली
इन आंकड़ों से साफ है कि अवैध उत्खनन का दायरा बड़ा है और यह लंबे समय से जारी है।
उड़नदस्ता सक्रिय, लेकिन नेटवर्क गहरा:
प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ता दल को सक्रिय किया है, जो लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। बावजूद इसके, बार-बार सामने आ रहे मामले यह संकेत देते हैं कि रेत का अवैध कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा है।
सख्त संदेश, लेकिन चुनौती कायम:
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में लिप्त पाए जाने पर न केवल कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि भारी आर्थिक दंड भी वसूला जाएगा।
फिलहाल कार्रवाई जारी है, लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या इन सख्त कदमों से रेत माफिया पर पूरी तरह लगाम लग पाएगी, या यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

