रायपुर: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर जनजीवन के साथ-साथ सरकारी राजस्व पर भी दिख रहा है। पारा चढ़ने के साथ ही राज्य में शराब की बिक्री ने भी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को पूरे छत्तीसगढ़ में एक ही दिन के भीतर 41 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की शराब की बिक्री हुई है।
गर्मी का असर या बदलती नीति?
मौसम विभाग द्वारा राज्य में लू और भीषण गर्मी की चेतावनी के बीच, शराब की दुकानों पर मदिरा प्रेमियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि भीषण गर्मी में ठंडे पेय पदार्थों के साथ-साथ बीयर और अन्य ठंडे ब्रांडों की मांग में भारी उछाल आया है।
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई आबकारी नीति और कांच की जगह प्लास्टिक बोतलों में शराब की उपलब्धता को भी बिक्री में इस उछाल का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। सुगम परिवहन और स्टॉक की उपलब्धता के कारण दुकानों पर अब ग्राहकों को खाली हाथ नहीं लौटना पड़ रहा है।
राजस्व के लिए ‘बंपर’ दिन
सरकार के लिए यह बिक्री का आंकड़ा किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। 41.75 करोड़ रुपये का एकल-दिवसीय व्यापार यह दर्शाता है कि प्रदेश के आबकारी विभाग को इस वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
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दुकानों पर उमड़ी भीड़: प्रदेश की राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई जैसे बड़े शहरों में शराब की दुकानों पर देर रात तक भीड़ देखी जा रही है।
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लोकप्रिय ब्रांडों की मांग: गर्मियों के मौसम के चलते बीयर और अन्य हल्के मादक पेय पदार्थों की बिक्री में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई है।
आबकारी विभाग की निगरानी
बढ़ती मांग को देखते हुए आबकारी विभाग ने भी दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन का यह भी कहना है कि वे शराब की गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण पर कड़ी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

