यशवंत गंजीर, धमतरी। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम बंजारी स्थित एक बीज कंपनी पर हुई कार्रवाई ने बीज कारोबार में नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ ने मेसर्स पान सीड्स प्रा. लि. का राज्य स्तरीय बीज विक्रय अनुज्ञा (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
मामले की शुरुआत 4 जुलाई 2026 को हुई, जब राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल ने कंपनी के परिसर पर औचक जांच की। जांच में बीज प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और विक्रय व्यवस्था की पड़ताल के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान गोदाम और कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में ऐसी धान किस्मों के बीज मिले, जिन्हें बेचने की अनुमति कंपनी के लाइसेंस में दर्ज ही नहीं थी। इतना ही नहीं, उन किस्मों की पैकेजिंग सामग्री भी मिली जिनके लिए वैध अनुज्ञा उपलब्ध नहीं थी। दस्तावेजों और इन्वॉइस की जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी द्वारा लाइसेंस से बाहर की धान किस्मों का विक्रय किया जा चुका था।
प्राथमिक जांच के बाद बीज निरीक्षक ने संबंधित बीज स्कंध और पैकेजिंग सामग्री के विक्रय, वितरण एवं उपयोग पर रोक लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कंपनी का पक्ष सुनने और अभिलेखों के विस्तृत परीक्षण के बाद संचालनालय कृषि ने निष्कर्ष निकाला कि कंपनी ने बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
इसी आधार पर खंड 15(ब) के तहत कंपनी का बीज विक्रय अनुज्ञा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। विभाग का कहना है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और बीज गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या प्रदेश में अन्य बीज विक्रेता और प्रसंस्करण इकाइयां भी अपने लाइसेंस की शर्तों का पूरी तरह पालन कर रही हैं? यदि संयुक्त निरीक्षण अन्य जिलों में भी इसी तरह किया जाए तो बीज कारोबार में और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।

