BY- Dewesh Dubey
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक अंतर्गत मुरकौल में आयोजित समाधान शिविर के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने राजस्व विभाग के कामकाज को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की। बड़ी संख्या में पहुंचे राजस्व प्रकरणों और ग्रामीणों की शिकायतों को सुनने के बाद विधायक ने मंच से ही पटवारी और नायब तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई।Balrampur Breaking

“ये तो भगवान हैं” कहकर जताई नाराजगी …..
समाधान शिविर में मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों के सामने विधायक ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “पटवारी तो भगवान हैं।” उन्होंने कहा कि आम जनता अपनी छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर महीनों दफ्तरों के चक्कर काटती रहती है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती। राजस्व विभाग के कर्मचारियों का रवैया जनता के प्रति संवेदनशील नहीं दिखाई देता। विधायक ने कहा कि लोगों को जमीन सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और नक्शा सुधार जैसे मामलों में लगातार परेशान होना पड़ता है। कई मामलों में ग्रामीणों को समय पर जवाब तक नहीं मिल रहा है।
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पटवारी तो भगवान बन बैठे हैं” …
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि गांवों में होने वाले अधिकांश विवादों की जड़ पटवारी होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर सही कार्रवाई नहीं होने और लापरवाही के कारण छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के साथ व्यवहार सुधारना होगा और कामकाज में पारदर्शिता लानी होगी। यदि शिकायतें लगातार मिलती रहीं तो कार्रवाई भी की जाएगी।

नायब तहसीलदार को भी दी चेतावनी ….
विधायक ने सिर्फ पटवारियों ही नहीं बल्कि तहसीलदारों को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपना “एटीट्यूड” छोड़कर जनता के बीच काम करना चाहिए। जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, न कि लोगों को बार-बार दफ्तर बुलाया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो, लेकिन कई जगह अधिकारी इस उद्देश्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
भारी संख्या में पहुंचे राजस्व प्रकरण …..
समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। सबसे ज्यादा आवेदन राजस्व विभाग से जुड़े मामलों के रहे। जमीन विवाद, सीमांकन, नामांतरण, कब्जा और रिकॉर्ड सुधार जैसे मामलों को लेकर लोगों ने अधिकारियों के सामने शिकायतें रखीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महीनों से आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। इसी को लेकर विधायक का गुस्सा भी खुलकर सामने आया।
ग्रामीणों ने जताई उम्मीद ….
विधायक के सख्त तेवर देखने के बाद कई ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। शिविर में मौजूद लोगों के बीच विधायक के बयान चर्चा का विषय बने रहे। समाधान शिविर में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

