नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में आज (24 अप्रैल, 2026) एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, Raghav Chaddha, के साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी समेत सात राज्यसभा सांसदों ने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
दिल्ली मुख्यालय में हुआ बड़ा राजनीतिक मिलन
शुक्रवार शाम को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इन नेताओं का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। नितिन नबीन ने सभी बागी सांसदों को भाजपा का पटका पहनाया और उन्हें मिठाई खिलाकर पार्टी की मुख्यधारा में शामिल किया।
‘सही व्यक्ति गलत पार्टी में था’
भाजपा ज्वाइन करने के बाद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भावुक होकर कहा, “मैंने अपना खून-पसीना देकर 15 साल इस पार्टी को सींचा, लेकिन अब यह पार्टी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से पूरी तरह भटक चुकी है। मुझे पिछले कुछ वर्षों से महसूस हो रहा था कि मैं एक ‘गलत पार्टी में सही व्यक्ति’ हूं। आज मैंने उस पार्टी से दूरी बना ली है, जो अब राष्ट्रहित के बजाय निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है।”
चड्ढा ने आगे दावा किया कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से अधिक (7 सांसद) भाजपा के साथ मिलकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत इन सांसदों ने भाजपा में विलय का निर्णय लिया है।
AAP के लिए बड़ा संकट
इस घटना को आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत बड़े राजनीतिक संकट के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे राघव चड्ढा और अन्य वरिष्ठ नेताओं का एक साथ इस्तीफा देना और भाजपा में शामिल होना अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
-
कौन-कौन हुए शामिल: राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी।
-
भाजपा की प्रतिक्रिया: भाजपा नेताओं ने इस घटनाक्रम को ‘AAP में मची भगदड़’ और ‘भ्रष्टाचार का पर्दाफाश’ करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि AAP अपने मूल उद्देश्यों से भटक गई है और अब देशभक्त नेताओं को वहां घुटन महसूस हो रही है।

