अभनपुर। मानवता की सेवा, समर्पण और संस्कारों के त्रिवेणी संगम के साथ ग्रेसियस इंस्टिट्यूट अभनपुर में दो दिवसीय वार्षिक उत्सव ‘ग्रेस कार्निवल 2026’ का भव्य समापन हुआ। आयोजन के दूसरे दिन नर्सिंग छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित लैम्प लाइटिंग (दीप प्रज्वलन) और दीक्षांत समारोह ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सफेद वर्दी में सजे भावी नर्सों ने जब हाथों में जलता हुआ दीया लेकर सेवा की शपथ ली, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा।
मुख्य अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के डायरेक्टर डॉ. आशुतोष शुक्ला ने की। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप और विशिष्ट अतिथि के रूप में श्याम लाल धावड़े (IAS) उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. हर्षित मिश्रा, डॉ. पूनम मिश्रा, डॉ. अनुराग जैन और श्रीमती भारती शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंग में सराबोर कर दिया।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: केदार कश्यप
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कश्यप ने कहा, “वर्ष 2000 में राज्य में मात्र एक-दो मेडिकल कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 17 हो गए हैं। ग्रेसियस संस्थान इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो रहा है।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ईमानदारी से किया गया कर्तव्य ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।
संस्थान के डायरेक्टर डॉ. आशुतोष शुक्ला ने अपने संबोधन में जोर दिया कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।
उपलब्धियों का हुआ सम्मान
शपथ ग्रहण: डॉ. गीतांजलि मानिकपुरी ने नर्सिंग विद्यार्थियों को सेवा और निष्ठा की शपथ दिलाई।
सम्मान: नर्सिंग और फार्मेसी के मेधावी छात्रों को मेडल, सर्टिफिकेट और स्मृति चिन्ह देकर नवाजा गया।
सांस्कृतिक रंग: दीक्षांत समारोह के बाद विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बना दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. हर्षित मिश्रा ने कहा कि अस्पताल में मरीज का सबसे गहरा संबंध नर्स से होता है, उनकी सेवा ही मरीज को जीवन की ओर वापस लाती है। वहीं आईएएस श्याम लाल धावड़े ने कॉलेज जीवन को करियर निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण समय बताया।
अंत में डॉ. रिया तिवारी ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी आयोजन ने न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया, बल्कि सेवा और संस्कार की नई ऊर्जा का संचार भी किया।


