प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र। क्षेत्र के धोंधा गांव में आयोजित कृषि महाविद्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भाजपा कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। मंच के सामने लात-घूसे चलने लगे, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना उस समय हुई जब मंच पर प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम और क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते मौजूद थे। भूमि पूजन जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम के बीच हुई इस मारपीट ने आयोजन की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भाजपा नेता अनूप गुप्ता और प्रतापपुर मंडल अध्यक्ष मुकेश तायल के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कुछ देर तक स्थिति नियंत्रण से बाहर रही।
घटना के दौरान मंच पर मौजूद अतिथियों के चेहरे पर भी असहजता साफ दिखाई दी। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को अलग किया, जिसके बाद कार्यक्रम को किसी तरह आगे बढ़ाया गया। हालांकि, घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में जोर-शोर से हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शासकीय कार्यक्रम में इस तरह का विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। कृषि महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे किसानों और छात्रों को भविष्य में लाभ मिलेगा, लेकिन कार्यक्रम के दौरान हुई मारपीट ने इस सकारात्मक पहल को विवादों में ला दिया है।
सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच पहले से राजनीतिक मतभेद चल रहे थे, जो सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ गए। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और मामले की जानकारी ली जा रही है। यदि किसी पक्ष द्वारा लिखित शिकायत दी जाती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि महाविद्यालय के भूमि पूजन जैसे अहम आयोजन में हुई इस घटना ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अब देखना होगा कि पार्टी संगठन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या संबंधित नेताओं के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है या नहीं।

