चंदौली। बिहार में शराबबंदी के बावजूद डीडीयू जंक्शन के रास्ते शराब तस्करी की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मुगलसराय क्षेत्र के सरकारी शराब ठेकों से खरीदी गई शराब निर्धारित समय पर चुनिंदा ट्रेनों के माध्यम से बिहार भेजी जा रही है।
चर्चा यह भी है कि पूर्व में शराब तस्करी के मामलों में संदेह के घेरे में रहे कुछ लोगों और नेटवर्क की गतिविधियां फिर से सक्रिय दिखाई दे रही हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि क्या वास्तव में पुराने तस्करी नेटवर्क की पुनरावृत्ति हो रही है !
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ट्रेनों के माध्यम से शराब बिहार पहुंच रही है तो जीआरपी, आरपीएफ, स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। साथ ही उन सभी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए जिन पर अतीत में ऐसे मामलों को लेकर सवाल उठे थे।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित एजेंसियां इन चर्चाओं का संज्ञान लेकर तथ्य सामने लाएंगी या फिर शराब तस्करी को लेकर उठ रहे सवाल अनुत्तरित ही रह जाएंगे।

