यशवंत गंजीर, धमतरी। जिले के दुधावा वन चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गट्टागुडूम में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीती रात तेंदुए ने अलग-अलग घटनाओं में दो ग्रामीणों के घर में घुसकर हमला कर दिया, जिससे दोनों घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार सरोना वन परिक्षेत्र से लगे गट्टागुडूम गांव में तेंदुए की मौजूदगी पिछले कुछ दिनों से लगातार देखी जा रही है। बीती रात तेंदुआ आबादी क्षेत्र में पहुंच गया और घरों में घुसकर ग्रामीणों को निशाना बनाया।
पहली घटना में ग्राम निवासी बुधन बाई उईके (65 वर्ष) अपने घर में मौजूद थीं, तभी अचानक तेंदुआ घर के अंदर पहुंच गया और उनके सिर पर पंजे से हमला कर दिया। वहीं दूसरी घटना में धनेश कुंजाम (57 वर्ष) रात में विश्राम कर रहे थे, तभी तेंदुआ उनके घर में घुस आया और हाथ पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों घायलों को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं हमले
ग्रामीणों का कहना है कि दुधवा क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां नई नहीं हैं। इससे पहले भी आसपास के इलाकों में तेंदुए के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं। लगातार बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि शाम होते ही लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित हैं। जंगल की ओर जाने से लोग बच रहे हैं।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र का निरीक्षण किया। वन रक्षक मुन्ना शोरी सहित वन अमले ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, बच्चों पर नजर रखने और जंगल क्षेत्र में अकेले नहीं जाने की सलाह दी है।
वन विभाग द्वारा तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।
पिंजरा लगाने की मांग
ग्रामीणों ने सरपंच जागेश्वर नेताम सहित तुलसी राम यादव, नंदलाल सलाम, रमेश उईके और कैलाश कुंजाम के माध्यम से वन विभाग से मांग की है कि गांव में तत्काल पिंजरा लगाया जाए और तेंदुए को पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो तेंदुए का आतंक किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है।

