कुरुद। पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और संभावित ईंधन संकट की खबरों के बीच छत्तीसगढ़ के कुरुद क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल को लेकर कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। अफवाहों और आशंकाओं के चलते लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाना शुरू कर दिया, जिससे कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया। कुरुद सहित राखी, भाठागांव, भखारा और कोर्रा क्षेत्र के पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं।
स्थिति यह रही कि कई पेट्रोल पंपों पर ‘नो डीजल’ और ‘पेट्रोल नहीं है’ के बोर्ड तक लगाने पड़े। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। लोग प्लास्टिक के केन और ड्रम लेकर भी बड़ी मात्रा में ईंधन भरवाते नजर आए, जिससे हालात और बिगड़ते गए। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। अचानक बढ़ी मांग के कारण आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों से स्थिति को सामान्य करने की अपेक्षा की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वास्तविक कमी नहीं बल्कि डर और अफवाहों के कारण पैदा हुआ कृत्रिम संकट है, जिसे संयम और जागरूकता से नियंत्रित किया जा सकता है।

