इलाज से मौत तक: 24 घंटे में बिगड़ी हालत
परिजनों के मुताबिक, मरीज की हालत भर्ती के समय स्थिर थी। पथरी का इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने सामान्य प्रक्रिया बताई थी। लेकिन अगले ही दिन तस्वीर बदल गई। हालत अचानक बिगड़ी। और फिर खबर आई—मरीज नहीं रहा। अस्पताल के गलियारों में शोर गूंज उठा। परिजन आक्रोश में थे। आरोप साफ था—लापरवाही।
- बीमारी: पथरी (किडनी स्टोन)
- भर्ती: मौत से 1 दिन पहले
- आरोप: डॉक्टरों की लापरवाही
- स्थिति: हंगामा, जांच की मांग
अस्पताल में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद माहौल गर्म हो गया। परिजन अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर के लिए कामकाज भी प्रभावित हुआ। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। सुरक्षा बढ़ाई गई। डॉक्टरों और स्टाफ ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए दूरी बना ली। एक कर्मचारी ने धीमी आवाज में कहा, “ऐसे वक्त में पूरा स्टाफ दबाव में आ जाता है। हर कोई सहमा हुआ था।”

