कटनी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विकलांग युवक को अपने हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्राम माहनिया निवासी जगत यादव ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
जगत यादव का कहना है कि वह दोनों आंखों से लगभग 50 प्रतिशत विकलांग हैं, लेकिन जिला अस्पताल द्वारा उन्हें केवल 30 प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस गलती को सुधारवाने के लिए वह कई बार अस्पताल के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने उन्हें 90 दिनों के भीतर सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय गुजर जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
इस लापरवाही का सीधा असर युवक की जिंदगी पर पड़ रहा है। सही विकलांगता प्रमाण पत्र न होने के कारण वह सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहा, जिससे उसकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
अब जगत यादव ने कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द 50 प्रतिशत विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाए और मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा, या फिर एक और जरूरतमंद यूं ही सिस्टम की लापरवाही का शिकार बनता रहेगा?

