रायपुर। राजधानी रायपुर वासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब घरों में एलपीजी सिलेंडर के लिए बुकिंग और डिलीवरी का इंतज़ार करने की समस्या जल्द ही खत्म होने वाली है। रायपुर में अब पानी की तरह पाइप के जरिए रसोई गैस (PNG) की सुविधा मिलने वाली है। इस परियोजना को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए नगर निगम रायपुर ने कवायद तेज कर दी है।
क्या है पूरी योजना?
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना के तहत रायपुर में नेचुरल गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने ‘हरियाणा सिटी गैस’ कंपनी को अधिकृत किया है। यह परियोजना न केवल घरों में खाना पकाने के लिए गैस पहुंचाएगी, बल्कि वाहनों के लिए सीएनजी (CNG) की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
नगर निगम की बैठक में क्या हुआ तय?
हाल ही में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने गांधी सदन के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इसमें हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और निगम के सभी दस ज़ोन के कमिश्नर शामिल हुए।
-
नियमों का पालन: एजेंसी को पाइपलाइन बिछाने से पहले नगर निगम से अनिवार्य रूप से एनओसी (NOC) लेनी होगी और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
-
आधुनिक तकनीक का उपयोग: निगम आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को कम से कम खोदा जाए। इसके लिए ‘हाइड्रोलिक अंडरग्राउंड तकनीक’ का उपयोग करने को कहा गया है, ताकि यातायात और नागरिकों को कोई असुविधा न हो।
-
तालमेल: वाटर वर्क्स और सिटी इन्वेस्टमेंट विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एजेंसी के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करें, ताकि शहर की अन्य बुनियादी सुविधाओं (जैसे पानी की पाइपलाइन) को नुकसान न पहुंचे।
लोगों को मिलेंगे ये बड़े फायदे
-
सिलेंडर की झंझट से मुक्ति: बुकिंग और रिफिलिंग के चक्कर से छुटकारा मिलेगा।
-
24/7 उपलब्धता: पानी की तरह जब चाहें गैस का इस्तेमाल कर सकेंगे।
-
बेहतर सुरक्षा: पीएनजी एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और रिसाव की स्थिति में तुरंत फैल जाती है।
-
आर्थिक बचत: यह पारंपरिक एलपीजी की तुलना में अधिक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल (क्लीन एनर्जी) विकल्प है।

