कुरुद । ग्राम रावनगुड़ा (ग्राम पंचायत बकली) निवासी राजेंद्र मिरे और उनकी पत्नी ईश्वरीय मिरे बेदखली के नोटिस से परेशान होकर सोमवार को परिवार सहित तहसील कार्यालय कुरुद के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पंचायत द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
राजेंद्र मिरे ने बताया कि गांव में अन्य लोग भी शासकीय भूमि पर खेती कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके परिवार पर ही की जा रही है। बार-बार मिल रहे नोटिस से वे मानसिक रूप से परेशान हैं, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।
इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक लोगों का समर्थन मिल रहा है। बसपा जिलाध्यक्ष प्रदीप जांगड़े ने कहा कि पंचायत का रवैया एकतरफा है और समानता के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं बसपा नेता आशीष रात्रे ने भी पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए जिले में सतनामी समाज के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा उठाया।
भाजपा नेता एवं सतनामी समाज के धन्नू जांगड़े ने भी आंदोलन का समर्थन किया। अनशन स्थल पर प्रेमलाल कुर्रे, डीकेश्वरी, फुलेश्वरी, विकास सिरमौर, भारती, किरण बांधे, मोहनी सिरमौर, सरोजिनी मिरे, ज्योति, भुनेश्वरी, सुनीता, धार्मिन, पायल, रानी लहरे, भारती सोनवानी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को राहत मिल पाती है या नहीं।

