धमतरी (छत्तीसगढ़): धमतरी जिले के मोहंदी वन परिक्षेत्र में पदस्थ एक डिप्टी रेंजर पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि उनकी मिलीभगत से क्षेत्र में अवैध मुरुम खनन कराया गया और करीब 1000 पेड़ों की बिना अनुमति कटाई कर दी गई।
🌳 ग्रामीणों का आरोप: बिना अनुमति हुआ बड़ा काम
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की लगभग 75 एकड़ घास एवं आबादी भूमि, जो राजस्व विभाग के अधीन आती है, वहां बिना किसी अनुमति के सड़क निर्माण कराया गया। इस दौरान न तो ग्राम पंचायत को सूचना दी गई और न ही राजस्व विभाग से अनुमति ली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी मशीनों का उपयोग कर:
बड़े पैमाने पर मुरुम की खुदाई की गई
जमीन को समतल किया गया
और करीब 1000 पेड़ों को काट दिया गया
ग्रामीण नेतराम साहू के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई से पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है और चराई की जमीन भी प्रभावित हुई है।
🚜 आवागमन और चराई पर असर
ग्रामीणों ने बताया कि जमीन के चारों ओर लगभग 5 फीट गहरी और 5 फीट चौड़ी खुदाई कर दी गई है, जिससे:
गांव के रास्ते बाधित हो गए हैं
पशुओं के चरने में परेशानी हो रही है
खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है
⚠️ विरोध करने पर धमकाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो डिप्टी रेंजर द्वारा वन भूमि का हवाला देकर उन्हें डराया-धमकाया और प्रताड़ित किया गया। इससे गांव में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
🏢 कलेक्ट्रेट पहुंची शिकायत
मगरलोड ब्लॉक के ग्राम सोनपैरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने मांग की है कि:
मामले की संयुक्त जांच (वन व राजस्व विभाग) कराई जाए
दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
🔍 प्रशासन ने शुरू की जांच
अपर कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद डीएफओ धमतरी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है, लेकिन यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह वन संरक्षण और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

