यशवंत गंजीर धमतरी। महानदी में अवैध रेत उत्खनन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई के ठीक 24 घंटे बाद, धमतरी जिला प्रशासन ने अब अन्नदाताओं के हक में एक और बड़ा मोर्चा खोल दिया है। आगामी खरीफ सीजन में खाद की जमाखोरी, कृत्रिम किल्लत और जबरन गैर-जरूरी सामान थमाने (टैगिंग) के काले खेल को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन ने ‘ऑपरेशन फर्टिलाइजर’.के तहत एक बेहद गोपनीय और कड़ा काउंटर-प्लान तैयार किया है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में कृषि विभाग और उर्वरक विक्रेताओं की एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त बैठक हुई। बंद कमरे में बनी इस रणनीति के तहत खाद माफियाओं के खिलाफ ‘जॉइंट चक्रव्यूह’ रचा गया है, जिसके तहत विशेष उड़नदस्ता दल (फ्लाइंग स्क्वाड) को खुली छूट दी गई है।
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प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार सिर्फ कागजी जांच नहीं होगी, बल्कि सीधे गोदामों में औचक दबिश दी जाएगी। निम्नलिखित गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई तय है:
*जमाखोरी व ब्लैक मार्केटिंग:.स्टॉक छुपाकर खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा करना
*ओवर-रेटिंग: तय एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से एक रुपया भी अधिक वसूलना।
*अनिवार्य टैगिंग (सबसे बड़ा प्रहार): यूरिया या डीएपी के साथ किसानों को जबरन कीटनाशक या जिंक का पैकेट थमाना। ऐसा करने पर तत्काल लाइसेंस सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
कलेक्टर धमतरी का दो टूक:
“धमतरी की पूरी अर्थव्यवस्था कृषि पर टिकी है। किसानों का हक मारना या उन्हें खाद-बीज के लिए परेशान करना बर्दाश्त से बाहर है। हमारा अमला पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ मैदान में तैनात रहेगा।”
– अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर (धमतरी)**
प्रशासन ने कूटनीति दिखाते हुए व्यापारियों की लॉजिस्टिक्स से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को भी सुना और उन्हें शासन स्तर पर सुलझाने का भरोसा दिया। इसके बदले डीलर्स ने भी पारदर्शिता बनाए रखने का लिखित आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि जून की पहली बारिश के साथ शुरू होने वाले इस सीजन में प्रशासन का यह ‘उड़नदस्ता’ धरातल पर कितना असरदार साबित होता है।

