धमतरी। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शुक्रवार सुबह धमतरी का मौसम अचानक बदल गया। सुबह आठ बजने से पहले ही आंधी-तूफान ने दस्तक दी, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए। बारिश की बूंदों ने तपती धरती को शांत जरूर किया है, लेकिन यह बदलाव किसानों के लिए ‘आफत की बारिश’ साबित हो सकता है।
तेज हवाओं ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया। आंधी के कारण पेड़ों के गिरने से सड़कें जाम हो गईं। ग्रामीण अंचलों में खपरैल घरों और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। तापमान में गिरावट से लोगों ने एसी और कूलर बंद कर ठंडी हवा का आनंद लिया।
अन्नदाता की बढ़ी धड़कनें:
खेतों में रबी की फसल कटाई के अंतिम चरण में है। ऐसे में तेज हवा और बारिश दानों को नुकसान पहुंचा सकती है। कुरुद ब्लाक के अंतिम छोर के गांव जोरातराई में हार्वेस्टर से कटाई के बाद सूखा रहे धान बारिश की वजह से भीग गई जिसे फिर से सुखाने में मशक्कत करनी पड़ी।किसानों का कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज रहा तो तैयार फसल खराब हो जाएगी।
मौसम विभाग का अलर्ट:
मौसम विभाग ने आगामी 4 दिनों तक प्रदेश के 12 जिलों में इसी तरह के मौसम और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। हालांकि, राहत का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि 17 मई से हीटवेव (लू) की वापसी हो सकती है और तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

