ओजी, अलीनगर पुलिस, सकलडीहा पुलिस और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी उस समय ढेर हुआ जब वह पुलिस हिरासत से भागने के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिनका उपचार जारी है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह निवासी अमृतसर पंजाब के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2021 में सेना से सिपाही पद से हटाया गया था। प्रारंभिक जांच में आरोपी के मानसिक रूप से अस्थिर होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी बिना किसी व्यक्तिगत रंजिश के आम लोगों को निशाना बना रहा था।
ट्रेन से अस्पताल तक फैली दहशत
पहली वारदात 10 मई की सुबह डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में हुई जहां गाजीपुर के जमानिया निवासी मंगरू की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद आरोपी ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।
दूसरी घटना 11 मई की रात जम्मूतवी एक्सप्रेस में हुई जहां एक यात्री को गोली मार दी गई। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लगातार दूसरी हत्या के बाद रेलवे और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
तीसरी और सबसे खौफनाक वारदात 11 मई की सुबह अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित जीवक अस्पताल में हुई। आरोपी अस्पताल में दवा लेने के बहाने दाखिल हुआ और प्रथम तल पर भर्ती महिला लछमिना के सिर में गोली मार दी। पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वारदात के बाद मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था लेकिन शराब की लत के कारण नौकरी छूट गई। इसके बाद वह लगातार ट्रेनों में घूमता रहा। पुलिस के मुताबिक मानसिक अस्थिरता और आक्रोश के चलते उसने रैंडम तरीके से लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पुलिस का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन हिस्ट्री के आधार पर आरोपी की तीनों हत्याओं में संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
सीन रीक्रिएशन के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस आरोपी को ट्रेन में हुई घटनाओं के सीन रीक्रिएशन के लिए मुगलसराय रेलवे स्टेशन और सकलडीहा क्षेत्र में लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगा।
इसके बाद सकलडीहा पुलिस, अलीनगर पुलिस, एसओजी और जीआरपी ने संयुक्त कॉम्बिंग अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने दोबारा फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षार्थ की गई कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हथियार बरामद, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रिवाल्वर, जीवित कारतूस, तीन खोखा कारतूस और बैरल काटकर छोटी की गई डबल बैरल गन बरामद की है। शुरुआती जांच में दोनों हथियार लाइसेंसी बताए जा रहे हैं।
लगातार तीन हत्याओं से चंदौली समेत पूरे पूर्वांचल में भय और दहशत का माहौल बन गया था। खासकर अस्पताल में घुसकर महिला की हत्या की घटना ने लोगों को झकझोर दिया। आरोपी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है

