यशवंत गंजीर, धमतरी। जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि जिले में रेत माफियाओं का नेटवर्क खुलेआम सक्रिय है और उसे संरक्षण मिलने के कारण अवैध कारोबार लगातार फैलता जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि महानदी के तटीय क्षेत्रों में नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि ग्राम खरेंगा में पारंपरिक श्मशान घाट क्षेत्र तक को नहीं छोड़ा गया। आरोप है कि अवैध खुदाई के दौरान जमीन से मानव अस्थियां और नरकंकाल बाहर आ गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
तारिणी चंद्राकर ने सवाल उठाया कि यदि जिले में लगातार अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की शिकायतें सामने आ रही हैं तो जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई केवल छोटे वाहनों तक ही सीमित क्यों दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर संचालित रेत सिंडिकेट के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस का दावा है कि अवैध उत्खनन के कारण नदी तंत्र और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल भी बन रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अवैध कारोबार का विरोध करने वाले लोगों को धमकियां मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि खरेंगा प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अवैध रेत भंडारण स्थलों को जब्त किया जाए तथा दोषी अधिकारियों और रेत कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
उधर, इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर उठे नए आरोपों ने एक बार फिर खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

