यशवंत गंजीर धमतरी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में कथित देरी को लेकर राजनीति तेज होती जा रही है। कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ने आरोप लगाया है कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के हजारों हितग्राही पिछले लगभग छह माह से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
साहू ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में हितग्राही अपनी पेंशन की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है। उनका दावा है कि केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान में विलंब के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। विभागीय स्तर पर पत्राचार किए जाने की जानकारी दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
पूर्व विधायक ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था कर लंबित पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि वृद्ध, विधवा और दिव्यांग हितग्राहियों के लिए जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। भुगतान में लंबे समय तक देरी होने से दवाइयों, भोजन और अन्य आवश्यक खर्चों पर सीधा असर पड़ रहा है।
साहू ने दावा किया कि प्रदेश में लगभग 19 लाख पेंशन हितग्राही हैं। यदि औसतन 500 रुपये मासिक पेंशन के आधार पर गणना की जाए तो छह माह में 570 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों तक नहीं पहुंची है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर गरीब वर्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में आंदोलन और प्रदर्शन करेगी। हालांकि, पेंशन भुगतान में देरी और उसके कारणों को लेकर शासन या संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस आरोप पर क्या जवाब देती है और हितग्राहियों को राहत कब तक मिलती है।

