रीठी। कटनी जिले के रीठी तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल अब आपातकालीन सेवाओं में भी खुलने लगी है। अस्पताल में संचालित एंबुलेंस सेवा समय पर उपलब्ध न होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों का आरोप है कि गंभीर स्थिति में भी कई बार समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती, जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। खासकर रात के समय और इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
समय पर नहीं पहुंचती एंबुलेंस, निजी वाहन बन रहे मजबूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में एंबुलेंस सुविधा होने के बावजूद उसका लाभ जरूरतमंद मरीजों को समय पर नहीं मिल रहा। कई मामलों में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ परिजन मजबूरी में महंगे किराए पर निजी वाहन कर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने को मजबूर हो जाते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि आपातकालीन सेवा का उद्देश्य मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना होता है, लेकिन रीठी अस्पताल की एंबुलेंस व्यवस्था खुद गंभीर हालत में नजर आ रही है।
गंभीर मरीजों की जान पर बन रही आफत
बताया जाता है कि सड़क दुर्घटना, प्रसव पीड़ा और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर एंबुलेंस मिलना बेहद जरूरी होता है। लेकिन जब अस्पताल की एंबुलेंस ही समय पर उपलब्ध न हो, तो मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
कई ग्रामीणों ने मांग की है कि अस्पताल में एंबुलेंस सेवा की नियमित मॉनिटरिंग हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि जरूरत पड़ने पर वाहन तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही कई व्यवस्थागत समस्याओं को लेकर चर्चा में रहा है। अब एंबुलेंस सेवा को लेकर सामने आ रही शिकायतों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं भी समय पर न मिलें, तो ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज आखिर किस पर भरोसा करें। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

