यशवंत गंजीर। ग्राम कातलबोड़ में साहू समाज बांनगर परिक्षेत्र के कर्मचारी प्रकोष्ठ के निर्देशन में आयोजित निःशुल्क शैक्षिक एवं करियर मार्गदर्शन शिविर ग्रामीण शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है। 20 दिनों तक चले इस शिविर में बच्चों को पढ़ाई के साथ बड़े सपने देखने की प्रेरणा मिली। समापन समारोह में पहुंचे कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि “बच्चों की पढ़ाई सबसे बड़ा निवेश है” और पालकों से बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखकर सही दिशा देने की अपील की। उन्होंने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक समर कैंप उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना था। उन्होंने बच्चों को संघर्ष से न डरने, सफलता मिलने पर अहंकार से दूर रहने और अपनी रणनीति खुद तय करने की सीख भी दी।
“मैं हूं गुल्लक अभियान” से बच्चों ने रंगों में उकेरे सपने:
कार्यक्रम की शुरुआत “मैं हूं गुल्लक अभियान” से हुई, जिसमें समाजसेवी तुमनचंद साहू एवं रंजीता साहू ने 300 बच्चों को गुल्लक और पेंटिंग किट वितरित की। गुल्लक पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने IAS, डॉक्टर, सैनिक और पर्यावरण रक्षक बनने के सपनों को रंगों में उकेरा। जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और पक्षी बचाओ जैसे विषयों पर बच्चों की रचनात्मक सोच ने अतिथियों को प्रभावित किया। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मेडल और पुस्तकें देकर सम्मानित किया। शिविर में प्रमोद साहू ने बच्चों को सीड बॉल निर्माण और वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया, वहीं मोहन साहू ने गौरैया संरक्षण के लिए निःशुल्क घोंसलों का वितरण किया।
बिना फीस, बिना मानदेय… फिर भी लगातार 4 साल से जारी:
शिविर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सामुदायिक भागीदारी रही। करीब 61 शिक्षक-शिक्षिकाएं बिना किसी मानदेय के बच्चों को पढ़ाने पहुंचे। ग्रामीणों और समाज के सहयोग से स्वल्पाहार, परिवहन और अध्ययन सामग्री की व्यवस्था की गई। चार वर्षों से लगातार संचालित इस शिविर में प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, प्रयास विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी, कक्षा 9वीं से 12वीं तक कठिन विषयों का अध्यापन, संगीत प्रशिक्षण, योग, प्राणायाम, नैतिक शिक्षा और करियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियां निःशुल्क संचालित की जा रही हैं। कर्मचारी प्रकोष्ठ द्वारा स्थापित “कर्म ग्रंथालय” में करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविर में 250 छात्राओं को सहभागिता प्रमाण पत्र और सेवा देने वाले शिक्षकों को स्मृति चिन्ह व डायरी भेंट कर सम्मानित किया गया।
शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक सुधार पर भी जोर:
शिविर में शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक सुधार पर विशेष फोकस किया गया। बच्चों को नशे और मोबाइल की लत से दूर रखने प्रत्येक शनिवार नैतिक शिक्षा, योग एवं प्राणायाम की कक्षाएं आयोजित की गईं। सप्ताह में एक दिन विशेषज्ञों द्वारा करियर मार्गदर्शन दिया गया। समापन समारोह में एसडीएम कुरूद नभ कुमार कोसले, डीईओ अभय जायसवाल, बीईओ राजेश बैस, बीआरसीसी कुलेश्वर सिन्हा, प्राचार्य चंद्र कुमार मनहर, साहू समाज जिलाध्यक्ष गणेश साहू, तहसील अध्यक्ष कृष्णकांत साहू, परिक्षेत्र अध्यक्ष प्रेमचंद साहू, कर्मचारी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गणेशप्रसाद साहू, महेंद्र साहू, मनोज साहू, रविन्द्र साहू, दयालूराम साहू, जनपद सदस्य कुलेश्वरी साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, शिक्षक, सामाजिक पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

